पत्रम्-पुष्पम् (आपकी बातें)

श्री अशोक कुमार नायक, प्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक, भुवनेश्वर

नराकास (बैंक), पटना की वेबसाइट देखने का मौका मिला। वेबसाइट की डिज़ाइनिंग और मेनू आकर्षक लगा। ‘सृजन’ और ‘साहित्यिकी’ इसे अन्य साइट से अलग करती है। कृपया इसके अंतर्गत नई-नई रचनाओं को स्थान देते रहें ताकि पाठकों में साइट विजिट करने की बैचनी बनी रहे।

सुश्री पल्लवी रुखैयार, सहायक महाप्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक, पटना

मैं सर्वप्रथम नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (बैंक), पटना की वेबसाइट की तहेदिल से बधाई तथा इसके अच्छे भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देती हूँ । यह वेबसाइट बैंककर्मियों की राजभाषा हिंदी के प्रचारित प्रसारित करने के साथ-साथ अपनी रचनात्मकता तथा  सृर्जनात्मकता बनाए रखने की दिशा में किए गये अथक प्रयास को दर्शाता हैं । यह हमें एक ऐसा प्लेटफॉर्म देता हुआ प्रतीत हो रहा है जिसके माध्यम से हम आपस में सार्थक संवाद स्थापित कर सकते है । इसे  प्रदान करने के लिए धन्यवाद ।

श्री श्यामसुंदर, प्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक, चेन्नै

महोदय, नराकास(बैंक) की वेबसाइट देखी। वेबसाइट बहुत ही आकर्षक और उपयोगी है। मुख पृष्ठ की साज-सज्जा और डिजाइन आकर्षक है। ऐसी उपयोगी और सुंदर वेबसाइट के लिए बधाई।

श्री अमरनाथ, प्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक, गुवाहाटी

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति राजभाषा के प्रगामी प्रयोग को बढ़ावा देने और राजभाषा नीति के कार्यान्‍वयन के मार्ग में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए एक संयुक्‍त मंच होता है जो राजभाषा नीति के कार्यान्वयन की समीक्षा करता है और इसके प्रयोग-प्रसार को बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करता है। भारतीय रिज़र्व बैंक के संयोजन में नराकास (बैंक) पटना यह कार्य बखूबी निभा रही है। इस क्रम में, नराकास की वेबसाइट का लोकार्पण सराहनीय पहल है। यह वेबसाइट न केवल राजभाषा के प्रयोग-प्रसार के मूल दायित्व से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराती है बल्कि बिहार की सांस्कृतिक-साहित्यिक विरासत की झलकियों को अत्यंत सुरुचिपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करती है। साहित्यिकी और सृजन जैसे पेजों ने वेबसाइट की उपादेयता को बढ़ा दिया है। डिजाइन, ले आउट, विषय और सामग्रियों के चयन के लिए वेबसाइट निर्माण से जुड़ी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

श्री दीपक काले, सहायक महाप्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक, गुवाहाटी

नराकास पटना की यह वेबसाइट बहुत ही बढि़या है। किसी भी मनुष्‍य के व्यक्तित्व के निर्माण में भाषा की भूमिका सबसे अहम होती है। और जहां तक कार्यालयीन परिवेश में हिंदी को राजभाषा के रूप स्‍वीकार किए जाने का प्रश्‍न है हम राभाकास, बीएलएमसी तथा नराकास जैसे मंचों के माध्‍यम से इस लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने की दिशा में प्रयासरत रहते हैं। इस संबंध में नराकास पटना द्वारा किया गया यह प्रयास अत्‍यंत सराहनीय है। सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में ज्ञान, सूचना और संप्रेषण के माध्‍यम से हिंदी भाषा का प्रचार-प्रसार करना यह समय की मांग है। हमारे सभी सपने तभी हकीकत में बदल जाएंगे जब हम उन्‍हें वास्‍तविकता में ढालने के लिए इस प्रकार के प्रयास करते रहेंगे। इस कार्य के लिए पटना कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक श्री मनोज कुमार वर्मा तथा श्री कुमार परिमलेन्दु सिन्हा, सहायक महाप्रबंधक तथा उनकी संपूर्ण टीम को बहुत-बहुत बधाई।