नराकास पटना

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (बैंक), पटना – एक परिचय

भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के दिनांक 22.11.1976 के कार्यालय ज्ञापन सं. 1/14011/12/76-रा.भा (क-1) के अनुसार देश के उन सभी नगरों में जहां केंद्रीय सरकार के 10 या 10 से अधिक कार्यालय हों, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति का गठन किया जा सकता है। समिति का गठन राजभाषा विभाग के क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालयों से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर भारत सरकार के सचिव, राजभाषा विभाग की अनुमति से किया जाता है। समिति के संयोजन की जिम्मेदारी अलग-अलग नगरों में अलग-अलग कार्यालयों (सामान्यतः सबसे बड़े कार्यालय) को दी गई है।

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति(बैंक), पटना का गठन राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के आदेशानुसार बैंक ऑफ इंडिया, आंचलिक कार्यालय के संयोजन में किया गया था। वर्तमान में सदस्यों की कुल संख्या 22 है। वर्तमान में इसकी अध्यक्षता का दायित्व भारतीय रिज़र्व बैंक को सौंपा गया है तथा श्री नेलन प्रकाश तोपनो, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक, पटना इस समिति के अध्यक्ष हैं।  समिति द्वारा अब तक 70 अर्द्ध-वार्षिक एवं एक विशेष बैठक आयोजित की जा चुकी है। समिति द्वारा अपनी राजभाषा पत्रिका “पाटलिपुत्र प्रभा” का भी प्रकाशन किया जाता है। अब तक “पाटलिपुत्र प्रभा” के 19 अंकों का प्रकाशन किया जा चुका है।

उद्देश्यः

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों को बनाने का उद्देश्य केन्द्र सरकार के देशभर में फैले कार्यालयों/उपक्रमों/बैंकों आदि में राजभाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने और राजभाषा नीति के कार्यान्वयन के मार्ग में आई कठिनाइयों को दूर के लिए एक संयुक्त मंच प्रदान करना है। इस मंच पर कार्यालयों/बैंकों/उपक्रमों आदि के अधिकारी हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए चर्चा तथा उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों की जानकारी का आदान प्रदान कर अपनी अपनी उपलब्धि स्तर में सुधार ला सकते हैं। नगर के सभी कार्यालयों द्वारा हिंदी का प्रयोग बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

समिति का दायित्व

  • भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग तथा अन्य संबंधित मंत्रालयों आदि से राजभाषा के कार्यान्वयन के संबंध में प्राप्त निर्देशों की सूचनाएं सदस्य कार्यालयों को देना तथा अनुपालन हेतु उचित दिशा-निर्देश देना तथा इन्हें पूर्ण रूप से कार्यान्वित करने हेतु अनुवर्ती कार्रवाई करना।
  • वर्ष में कम से कम दो बैठकें आयोजित करके, सदस्य कार्यालयों में राजभाषा के कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा करना तथा बैठक में लिए गए निर्णयों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
  • सदस्य कार्यालयों से छमाही प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करके समीक्षा करना।
  • सदस्य कार्यालयों से प्राप्त सुझावों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित प्राधिकारियों के पास भेजना।
  • नगर के शासकीय कार्यालयों में राजभाषा के प्रयोग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए विचारगोष्ठियों, कार्यशालाओं तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करना।

बैठकें:

वर्ष में समिति की दो बैठकें आयोजित की जाती है। समिति की प्रथम बैठक जनवरी माह एवं द्वितीय बैठक अगस्त माह में आयोजित की जाती है।

नराकास(बैंक), पटना के सभी सदस्य कार्यालयों के सक्रिय सहभागिता हेतु अर्द्ध-वार्षिक बैठक से पूर्व उप समिति की बैठक आयोजित की जाती है जिसमें मुख्य बैठक हेतु एजेंडा पर चर्चा होती है।

प्रतिनिधित्वः

समिति की बैठकों में नगर विशेष में स्थित केन्द्रीय सरकार के बैंकों के कार्यालय प्रमुख द्वारा स्वंय भाग लेना अपेक्षित है, क्योंकि राजभाषा नियम – 1976 के नियम 12 के तहत संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन और इस इस संबंध में समय-समय पर जारी कार्यकारी आदेशों के अनुपालन का उत्तरदायित्व कार्यालय प्रमुख को सौंपा गया है। राजभाषा विभाग (मुख्यालय) एवं इसके क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय(कोलकाता) के अधिकारी भी इन बैठकों में भाग लेते हैं।

सदस्य कार्यालयों से अपेक्षाएं

  • स्थानीय कार्यपालक अपने राजभाषा अधिकारी के साथ समिति की बैठकों में अवश्य भाग लेना चाहिए।
  • समिति की बैठकों में लिए गए निर्णयों को निर्धारित समय में कार्यान्वित करना चाहिए।
  • नगर में स्थित अपने कार्यालयों में हो रहे हिंदी अनुप्रयोग की तिमाही प्रगति रिपोर्ट समिति के सचिवालय को नियमित रूप से यथासमय प्रेषित की जानी चाहिए।
  • समिति के तत्वावधान में आयोजित विचारगोष्ठियों कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं व अन्य कार्यक्रमों में भाग लेने हेतु अपने स्टाफ सदस्यों को नामित करना चाहिए।
  • समिति द्वारा सौंपे गए कार्यों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए।